जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस पर योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा कि युवा सच्चे मार्ग पर चलें और इस मार्ग पर चलने वालों को ताकत भी दें। विश्व गुरु बनने के लिए अखंड, प्रचंड पुरुषार्थ की जरूरत है, जिसे युवा ही दे सकते हैं। इसके लिए हमें विवेकानंद के ध्येय वाक्य ‘उठो, जागो और तब तक चलते रहो जब तक मंजिल न मिल जाए’ का अनुसरण करना होगा। यह कार्य योग से ही संभव है।
रामदेव ने कहा कि युवाओं के बलवान, प्रज्ञावान, हृदय से श्रद्धावान, ऐश्वर्य से धनवान और चरित्रवान होने पर ही भारत महान होगा। उन्होंने जात-पात, मजहब के आधार पर भेदभाव न करने की युवाओं को शपथ दिलाई। विशिष्ट अतिथि जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि योग ही भोग वृत्ति को मिटाता है।
हमारे देश के युवाओं में आत्मबल और चरित्र बल है। इसी से हमारी पहचान है, जबकि पाश्चात्य संस्कृति की पहचान सुंदर पैकिंग में है। उन्होंने कहा कि युवा नौकरी के पीछे भागने की जगह मालिक बनें। स्वरोजगार अपनाएं।
कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने स्वामी रामदेव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत आध्यात्मिक राष्ट्र है। हमें स्वामी विवेकानंद से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब समारोह स्थल का नाम महर्षि पतंजलि स्वदेशी प्रांगण होगा।
इस दौरान रामदेव ने ताड़ासन, शीर्षासन, सर्वांगासन, हलासन, पश्चिम ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, कपाल भांति एवं अनुलोम विलोम कराया। हाथों के बल चल कर दिखाया। समारोह में आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, जिले के महाविद्यालयों के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, सेविकाएं शामिल हुए।