निकली राम बारात, मेघों ने पखारे पांव
फूलों की बारिश और भगवान श्रीराम के जयघोष के बीच बुधवार की शाम निकली पारंपरिक राम बारात की अनूठी चमक श्रद्धालुओं का मन मोह गई। सदियों पुरानी राम बारात की इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए एक तरफ हजारों की तादाद में श्रद्धालु उमड़ पड़े तो वहीं स्वागत में मेघों ने भी पांव पखारे। तीन किलोमीटर की दूरी तय कर धूमधाम से बारात जनकपुर पहुंची तो खुशियों का उल्लास और खिल उठा।
परंपरानुसार शाम को महमूदपुर स्थित छेदी साव के घर से बाजगाजे के साथ धूमधाम से राम बारात निकली। भगवान श्रीराम, भ्राता लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ अलग-अलग घोड़े पर सवार थे। उनके साथ गुरु वशिष्ठ और महाराज दशरथ की सवारी चल रही थी। पीछे था हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम। बारात मीना बाजार, बड़ी बाजार और बजरंग नगर से होते हुए कुशवाहा नगर स्थित जनकपुरी पहुंची। एक तरफ आसमान से रिमझिम फुहार तो दूसरी तरफ फूलों की बारिश। उत्साह और आनंद से ओतप्रोत श्रद्धालु बारात के साथ जनकपुरी पहुंची तो वहां रमेश मौर्य की अगुवाई में भक्तिभाव से स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं।
बड़ी बाजार में फौजी स्पोर्टिंग क्लब ने बारातियों का स्वागत किया। रास्ते भर जगह-जगह छतों, बारजों से सैकड़ों महिलाओं ने चारो भाइयों और बारातियों पर फूल बरसाए। श्रद्धालुओं ने चारों भाइयों के साथ गुरु वशिष्ठ और महाराज दशरथ की आरती उतारी। सीओ और एसओ लोहता की अगुवाई में सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र पांडेय, भोला गुप्ता, तेज बहादुर सिंह, त्रिलोकी दुबे, सुरेश श्रीवास्तव, राम दुलार सिंह, धर्मराज मौर्य, कन्हैया सेठ आदि ने व्यवस्था संभाली।