Ram Navami 2026: काशी में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम की आरती उतारी। कहा कि दुनिया को राम के रास्ते पर चलना होगा, तभी शांति मिलेगी। मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम की आरती कर मध्य एशिया के मुस्लिम देशों से शांति की कामना की।
वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने रामनवमी के अवसर पर प्रभु श्रीराम की महाआरती की। महिलाओं ने दुनिया को शांति का संदेश भेजा। महिलाओं के हाथों में सजावटी थाल, होठों पर रामनाम का मंत्र और आंखों में भक्ति की चमक दिखी। मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि धर्म बदलने से पूर्वज नहीं बदलते। प्रभु राम का जन्म विश्व के कल्याण के लिए हुआ था।
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विशाल भारत संस्थान एवं मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रामनवमी के अवसर पर सुभाष भवन में एकत्रित होकर हिंदू- मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम, माता जानकी की आरती उतारी। ढोल की थाप पर राम जन्म के गीत गाए गए।
इस अवसर पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि आज मुस्लिम देश युद्ध, हिंसा और नफरत से जंग लड़ रहे, एक दूसरे को मार रहे हैं। अगर मुस्लिम देश भगवान राम के रास्ते पर चले तो उनके देश में शांति आएगी और युद्ध रुक जाएगा। भारत की महान संस्कृति ही एक मात्र रास्ता है शांति और प्रेम का। वह भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही सम्भव है। कहा कि राम हमारे पूर्वजों के पूर्वज हैं। उनकी भक्ति, आरती और उनके दर पर जाने से कोई रोक नहीं सकता।
मुस्लिम महिलाओं की नेता डॉ. नजमा परवीन ने कहा कि हमारा काम समाज को जोड़ना है, धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वाले भारत का भला नहीं चाहते। विदेशियों के इशारे पर काम करने वाले लोग केवल मुसलमानों को डराकर भारत की संस्कृति और देशभक्ति से दूर करते हैं। राम नाम का मंत्र ही दुनिया भर की महिलाओं की ताकत है।
नगीना बेगम ने कहा कि हम धमकियों से डरने वाले नहीं है। हम हर साल रामनवमी मनाएंगे और शांति के लिए काम करते रहेंगे। इस अवसर पर रेहाना, सुल्ताना बेगम, शमा परवीन, मुस्कान, रुकसाना बीबी, सबीना, रिजवाना, डॉ. अर्चना भारतवंशी, डॉ. मृदुला, इली, खुशी, उजाला, दक्षिता आदि मौजूद रहीं।