उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सामूहिक विवाह ही दहेज प्रथा को खत्म करेगा। दहेज आज लड़कियों के विकास की राह का सबसे बड़ा रोड़ा है। इसके बावजूद आज हर क्षेत्र में लड़कियां आगे आ रही हैं।
राज्यपाल शुक्रवार को जौनपुर के होटल रिवर व्यू में जेब्रा फाउंडेशन ट्रस्ट के रजत जयंती समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने संस्था के कार्यों में सरहनीय योगदान के लिए 15 लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जेब्रा संस्था ने अपने 25 वर्षों में 500 जोड़ों को दांपत्य सूत्र में बांधकर नेक कार्य किया है। यह बहुत बड़ा योगदान है।
दहेज समाज के लिए कलंक है। सामूहिक विवाह से इस कलंक को मिटाया जा सकता है और शादियों पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का अभियान सफल रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष प्रदेश के विश्वविद्यालयों 16 लाख विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं, जिसमें 51 फीसदी छात्राएं थी।
इस साल 13 लाख छात्रों को दीक्षांत समारोह में उपाधि दी गई है, जिसमें 56 फीसदी छात्राएं हैं। इतना ही नहीं पदक पाने वालों में भी 66 फीसदी मेधावी छात्राएं शामिल हैं। एक साल में पांच प्रतिशत महिलाओं के सफलता का ग्राफ बढ़ जाना निश्चित रूप से महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर, गरीब और दिव्यांगों के सहयोग के लिए हर किसी को आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि नगर विकास राज्य मंत्री गिरीश चंद यादव ने कहा कि जेब्रा संस्था का कार्य रचनात्मक रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्था से जुड़े लोग बधाई के पात्र हैं। अध्यक्षता कर रहे अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद ने कहा कि सामूहिक विवाहों का आयोजन सराहनीय काम है। जेब्रा संस्था का कार्य समाज के लिए सराहनीय है। संस्था के अध्यक्ष संजय सेठ ने कहा कि 500 जोड़ों के विवाह के अलावा दो विद्यालयों को गोद लेकर छात्रों को सारी सुविधाएं दी जा रही है।