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राज्यपाल राम नाईक ने कहा, सपा सरकार में नहीं सुनी जाती थी उनकी बात

Sun, 01 Jul 2018 09:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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राज्यपाल रामनाइक - फोटो : अमर उजाला
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सपा सरकार अक्सर उनकी बात नहीं सुनती थी। सलाह पर अमल तक नहीं होता था। मगर भाजपा सरकार उनकी सलाह पर अमल करती है। वह रविवार को सोनभद्र जिले के बनवासी कल्याण आश्रम के चपकी (कारीडांड़) स्थित सेवाकुंज आश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां आदिवासी बच्चों में विद्यारंभ संस्कार के साथ ही धनुर्विद्या केंद्र का उद्घाटन भी किया।
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राज्यपाल  ने कहा वीर दुर्गावती धनुर्विद्या केंद्र और 50 बेड के अस्पताल से बनवासी कल्याण आश्रम ने कीर्ति का एक नया अध्याय लिखा है। पूरा भरोसा है कि यहां के बच्चे तीरंदाजी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराते नजर आएंगे।

22 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तीन देश अमेरिका, चीन और इंडोनेशिया ही ऐसे हैं, जिनकी आबादी यूपी से अधिक है। इस समय पूरे देश में सर्वाधिक युवा यूपी में हैं। 2022 तक पूरे विश्व में सर्वाधिक युवा भारत में होंगे।
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इसलिए विद्याध्ययन के साथ संस्कार की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रयाग महाकुंभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह हमारे देश, संस्कृति की विशेषता है कि लोग खिंचे चले आते हैं। महामहिम ने जिले के प्राकृतिक सुषमा को अप्रतिम बताते हुए  कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इसको विकसित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को मेरा चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि यहां जिन कार्यों की आधारशिला रखी है, पांच वर्ष कार्यकाल पूरा होने से पहले उनके लोकार्पण के लिए भी वह यहां आएंगे। 

मोदी-योगी के तारीफों के बांधे पुल

राज्यपाल रामनाइक - फोटो : अमर उजाला
 राज्यपाल रामनाइक ने विद्यारंभ संस्कार समारोह में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी के तारीखों के पुल खूब बांधे। योगी सरकार को अपनी सरकार बताते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को शपथ दिलाई है। इसलिए वह उनकी भी सरकार है।

कहा कि मोदी-योगी दोनों स्वास्थ्य सेवा की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। पत्रकारों से हुई वार्ता में राज्यपाल रामनाइक संवैधानिक पद पर होने का हवाला देते हुए कल्याण सिंह द्वारा आरक्षण को लेकर दिए बयान पर कुछ भी कहने से टाल गए। सपा-भाजपा सरकार में कौन अच्छी है, पर कहा कि सपा सरकार उनकी नहीं सुनती थी,  भाजपा सरकार उनकी बातों को अच्छी तरह सुन रही है।  

पल-पल बदलती रही सुरक्षा रणनीति 
सेवाकुंज आश्रम में राज्यपाल रामनाइक के कार्यक्रम को लेकर पल-पल सुरक्षा रणनीति बदलती रही। शनिवार की रात कथित सुरक्षा कार्यक्रम के लीक होने के बाद जहां अचानक से सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव कर दिए गए।

वहीं, रविवार को राज्यपाल के आगमन से प्रस्थान तक पल-पल सुरक्षा की रणनीति बदली जाती रही। पहले चुनिंदा लोगों से राज्यपाल का कार्यक्रम तय हुआ, फिर उनके आगमन के साथ ही इसे रद्द कर दिया गया। अंदर जा रहे लोगों को पानी का बोतल नहीं ले जाने दिया गया, इससे लोग उमस और गर्मी से परेशान रहे।

आश्रम के पास पर लोगों के अंदर प्रवेश करने, निश्चित जगह पर बैठने को लेकर भी लोगों और पुलिसकर्मियों में नोंकझोंक होती रही। कई जगह आश्रम के स्वयंसेवकों को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से म्योरपुर से कार्यक्रम स्थल तक चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही।

हर एक किमी पर आधुनिक असलहों से लैश दो जवान तैनात रहे। वहीं कार्यक्रम स्थल पर एसपीजी, पीएसी, डाग और बम स्क्वायड दस्ता, एलआइयू के लोग मुस्तैद रहे। कार्यक्रम स्थल और आस-पास का पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। 
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राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर की दी गई सलामी

250 बटुकों ने शुरू की विद्याध्ययन - फोटो : अमर उजाला
म्योरपुर हवाई पट्टी पर रविवार को सूबे के राज्यपाल रामनाइक का आगमन हुआ। राज्यपाल को हवाई पट्टी पर गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई। म्योरपुर हवाई पट्टी पर राज्यपाल विमान 11.20 पर लैंड किया।

विंध्याचल मंडलायुक्त मनोहर, डीएम अमित कुमार सिंह ने राज्यपाल की आगवानी किया। भाजपा नेताओं ने उन्हें बुके देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में भाग लेने के उपरांत करीब तीन बजे राज्यपाल म्योरपुर से लखनऊ के लिए उड़ान भरी। राज्यपाल के साथ स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी राजकीय विमान से लखनऊ रवाना हुए। 

विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा मांगपत्र 
दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष गेना प्रसाद चौरसिया, संयोजक अनिल सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता आदि ने राज्यपाल को पत्रक सौंप दुद्धी को जिले का दर्जा दिलाने की मांग की।

उधर, अखिल भारतीय संयुक्त चिकित्सा मित्र मोर्चा डॉ. बीआर मौर्य, डॉ. कांता पटेल, डॉ. भूपेंद्र पाठक, डॉ. पुनवासी, डॉ. हिरालाल, डॉ. राम अवतार चौहान, डॉ. डीके विश्वकर्मा आदि ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्वार्थनाथ सिंह को मांगपत्र सौंप ग्रामीण चिकित्सकों को अनुभव के आधार पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने की मांग की।
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