तर्क यह दिया जा रहा है कि सरकार ने जो जमीन दी है, वह अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर है। ऐसे में अयोध्या में रहने वाले मुस्लिम वहां नमाज पढ़ने नहीं जा सकते। इस बीच, उप्र सरकार के कृषि मंत्री ने कहा है कि मस्जिद की जमीन को लेकर यदि कोई नाराजगी होगी तो सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी।