निधि समर्पण राशि जुटाने में परेशानी भी आई। पैसा कम पड़ा तो यति महराज ने आरएसएस काशी प्रांत के पदाधिकारियों को सोने की सिल्ली प्रदान कर दी। इसकी कीमत 42 लाख रुपये बताई गई। हालांकि आरएसएस ने सोने की सिल्ली लेने से इन्कार कर दिया। साफ कहा कि निधि समर्पण में सोना लेने का प्रावधान नहीं है।
मसाला कारोबारी ने भी खोला खजाना
अमेठी निवासी और राजेश मसाला के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रहरी ने मंदिर निर्माण के लिए सवा करोड़ रुपये दान दिए हैं। साथ ही 2.98 करोड़ की लागत से अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर भव्य द्वार बनवा रहे हैं। 164 फीट चौड़ा और 64 फीट ऊंचा द्वार ही मंदिर परिसर में प्रवेश का प्रमुख द्वार होगा। वह कहते हैं कि भगवान श्रीराम में देश-दुनिया की आस्था है। इसका हिस्सा बनकर गौरवांन्वित महसूस कर रहा हूं।
कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल ने भी एक करोड़ रुपये दिए
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और प्रयागराज निवासी नंदगोपाल नंदी ने एक करोड़ रुपये दान दिया है। उन्हें भी ट्रस्ट की तरफ से प्राणप्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता मिला है। वह कहते हैं कि रामनाम में दुनिया समाहित है। इसका हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है। प्राणप्रतिष्ठा में जाना और दर्शन-पूजन करना है।