पूजा में आएंगे समस्त देव
डॉ रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि शिलान्यास के पहले महागणपति के आह्वान के बाद गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाएगा। सुबह 8 बजे से पूजन आरंभ हो जाएगा। सूर्य आदि नवग्रह का आह्वान किया जाएगा। ब्रह्मांड के नायक भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास हो तो ऐसा महसूस हो कि देव, सूर्य, गंधर्व, समेत देवता दुंदुभि बजाते हुए पुष्प वर्षा कर रहे हैं। इंद्र आदि जितने भी देवता हैं, उनका आह्वान किया जाएगा। मंशा पूजन किया जाएगा।
होगा विश्व का भव्यतम मंदिर
मंत्री प्रो रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि यह विश्व का भव्यतम और दिव्य मंदिर होगा जो सनातन धर्म की आस्था का केंद्र होगा। ब्रह्मांड के नायक भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास और भूमिपूजन का अवसर हर किसी के लिए गौरव का क्षण है। काशी विद्वत परिषद अयोध्या में संपूर्ण काशी का प्रतिनिधित्व करेगी।
संगठन मंत्री प्रो विनय पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म की मर्यादा के अनुरूप होगा। मंदिर निर्माण काशी विद्वत परिषद की उपस्थिति में समस्त धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन होगा। इस पल का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला है यह बेहद प्रसन्नता का विषय है। भगवान राम के मंदिर के शिलान्यास और भूमिपूजन में शामिल होने का अवसर गर्व की बात है। सनातन धर्म की मर्यादा के अनुरूप मंदिर के निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है।
उपाध्यक्ष प्रो रामचंद्र पांडेय ने बताया कि इस चिरप्रतीक्षित कार्यक्रम में शामिल होना बेहद सौभाग्य की बात है। काशी विद्वत परिषद की देखरेख में शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुसार संपूर्ण आयोजन विधिवत संपन्न होंगे। संपूर्ण भारत और सनातनधर्मियों के लिए गौरव का क्षण होगा जब भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास और भूमिपूजन संपन्न होगा।
काशी से भेजी एक ईंट
काशी विद्वत परिषद केसंगठन मंत्री डॉ उत्तम ओझा ने संकटमोचन केद्वार पर अयोध्या रवाना हो रहे विद्वानों को काशी की ओर से एक ईंट सौंपी। इस दौरान डॉ. सुनील मिश्रा, सुमित सिंह, आचार्य पं. दुर्गा शंकर पांडेय, प्रदीप सोनी, ममता द्विवेदी, प्रो. अशोक सोनकर मौजूद रहे।