तीन घंटे तक नदी में तलाश
सुनील के नदी में डूबने की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए। ग्रामीणों ने रस्सी और अन्य स्थानीय साधनों की मदद से नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे तक खोजबीन के बावजूद शाम छह बजे तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।
संसाधनों के अभाव में ग्रामीणों को तलाश अभियान में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पुलिस और फायर कर्मी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से एनडीआरएफ की टीम बुलाकर युवक की तलाश कराने की मांग की।
तीन साल पहले हुई थी शादी
सुनील की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व कैली गांव निवासी सुनीता देवी से हुई थी। दंपती की अभी कोई संतान नहीं है। पत्नी सुनीता फिलहाल अपनी ननद और बहनोई के साथ मुंबई में रहती हैं। पति के नदी में डूबने की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था सुनील
सुनील चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। बड़े भाई पिंटू कुमार, दूसरे भाई सिंटू कुमार और छोटे भाई सत्य प्रकाश हैं। सत्य प्रकाश की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार की चार बहनों और तीन भाइयों की शादी हो चुकी है।
गरीबी में गुजर-बसर करता है परिवार
सुनील के माता-पिता बेहद गरीब हैं और झोपड़ी में रहकर जीवन यापन करते हैं। बेटे के नदी में डूबने की खबर से मां मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोस की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाती रहीं। पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।ग्रामीणों का कहना है कि बहुरिया नदी में पानी अधिक होने के कारण स्थानीय स्तर पर युवक की तलाश करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल एनडीआरएफ की टीम बुलाकर अभियान चलाने की मांग की है, ताकि युवक का पता लगाया जा सके।