वाराणसी। मौजूदा राजनीति में जहां कई दलों में परिवारवाद हावी है। वहीं 1974 के दौर में एक उदाहरण ऐसा भी मिलता है जब दिग्गज नेता भी परिवारवाद के खिलाफ थे। यह कहना है एमएलसी शतरुद्र प्रकाश का। वह बताते हैं कि राजनारायण जी परिवारवाद के खिलाफ थे। परिणामस्वरूप उन्होंने अपने भतीजे लालजी सिंह का टिकट काटकर मुझे विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया।
1974 के विधानसभा चुनाव में मौजूदा वाराणसी की तीन सीटों पर भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) का कब्जा था। इनमें कैंट, चिरईगांव और गंगापुर की सीटें थीं।
1974 में पहली बार भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) से विधायक बने शतरुद्र प्रकाश ने बताया कि वे उन दिनों बीएचयू में पढ़ते थे और छात्र राजनीति करते थे। उस समय बनारस में बहुत बड़ा नाम हुआ करता था औरंगाबाद हाउस के पंडित कमलापति त्रिपाठी जी का। उस समय संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, बीकेडी और मुस्लिम मजलिस तीनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। राजनारायण जी ने परिवारवाद के खिलाफ जाकर अपने भतीजे का टिकट काटकर मुझे चुनाव लड़ाया था। मेरे पास न तो गाड़ी थी, न पैसा था। ऐसी स्थिति में रिक्शेवालों, पान वालों, चाय वालों, ठेले वालों ने आपस में मिलकर चंदा जुटाकर मुझे चुनाव लड़ाया था। एक किसी की पुरानी मोटरसाइकिल थी। जिससे चुनाव प्रचार करता था। उस समय बीकेडी ने पूरे प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन किया था।
मुझे जहां तक याद है चंदुआ सट्टी के गुलाब सब्जी का कारोबार करते थे। वे माधोपुर में रहते थे। एक दिन वह मेरे पास आए और अपने टेटा में से पांच रुपये निकालकर मुझे दिए और कहा कि चुनाव प्रचार में खर्च कर लीजिएगा। उस समय उनकी वह भावना देखकर मैं दंग रह गया था। उन्होंने बताया कि यूपी में चौधरी चरण सिंह की अगुवाई वाली बीकेडी व जनसंघ भी अपनी साख बचाने में कामयाब रहे।
1974 विधानसभा चुनाव के परिणाम
-कैंट विधानसभा से भारतीय क्त्रसंति दल के शतरूद्र प्रकाश ने कांग्रेस के लाल बहादुर सिंह को 4291 वोटों से हराया था। शतरूद्र को 19078 वोट मिले थे।
-दक्षिणी विधानसभा से जनसंघ के चरण दास सेठ ने सीपीआई के गिरिजेश राय को 6395 वोटों से हराया था। चरणदास को 19826 वोट मिले थे।
-उत्तरी विधानसभा से कांग्रेस के मोहम्मद शफीकुरहम ने जनसंघ के शंकर प्रसाद जायसवाल को 4544 वोटों से हराया था। सफीकुरहम को 25644 वोट मिले थे।
-चिरईगांव विधानसभा से भारतीय क्त्रसंति दल के उदयनाथ ने कांग्रेस के श्रीनाथ सिंह को 3448 वोटों से हराया था। उदयनाथ को 23094 वोट मिले थे।
-कोलअसला विधानसभा से सीपीआई के ऊदल ने भारतीय क्त्रसंति दल के वीरेंद्र प्रताप सिंह को 18857 वोटों से हराया था। ऊदल को 36826 वोट मिले थे।
-गंगापुर विधानसभा से भारतीय क्त्रसंति दल के बलदेव ने कांग्रेस के राज बिहारी को 5269 वोटों से हराया था। बलदेव को 307568 वोट मिले थे।
नोट-उक्त आंकड़े चुनाव आयोग के अनुसार हैं।