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Varanasi: बेटा और दो पोते की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके राजबली, दसवां संस्कार के दिन उखड़े प्राण

Mon, 27 Feb 2023 01:40 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

यूपी के सोनभद्र जिले में बीते 17 फरवरी को हुए एक सड़क हादसे में वाराणसी के पूरेनंदा (बेलवां) गांव निवासी विनय राजभर (35), उनके भतीजे आर्यन (14) और अरुण (19) की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से विनय के पिता राजबली गमजदा थे। सोमवार सुबह उनकी अचानक से उनकी मौत हो गई। 
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मृतक के घर ग्रामीण महिलाओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के सोनभद्र जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बेटा और दो पोते की मौत का सदमा वाराणसी के पूरेनंदा (बेलवां) गांव निवासी राजबली राजभर (65)  बर्दाश्त नहीं कर सके। बेटे और पोते के दसवां संस्कार के ही दिन यानी आज सुबह उनके प्राण उखड़ गए। तीन मौतों से गमजदा परिवार में चौथी मौत से कोहराम मच गया।

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राजबली के बड़े बेटे विनोद बेसुध हो गए, जबकि ससुर की मौत और पति की हालत देख बहू का कलेजा फटा जा रहा था। दूसरी ओर, गांव वाले गम के समय पीड़ित परिवार को संभालने में लगे रहे। कोशिश थी कि परिवार को किसी तरह समझा कर संभाला जाए। मगर, कोशिशें काम नहीं आ रही थीं। हृदय विदारक रुदन से हर किसी की आंख नम और गला रुंध जा रहा था।

बरात जाने के दौरान हुआ था हादसा

कपसेठी थाना क्षेत्र के पूरेनंदा (बेलवां) गांव निवासी रामाश्रय शर्मा के बेटे धीरज की बरात 17 फरवरी को सोनभद्र जिले के कुसी डौर गांव गई थी। बरात में एक पिकअप पर सवार होकर 14 लोग गए थे। जनवासे से थोड़ी दूर पहले ही पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई।

हादसे में मेहंदीगंज निवासी शशि शर्मा (26) और पूरेनंदा (बेलवां) गांव के विनय राजभर (35) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अस्पताल जाते विनय राजभर के सगे भतीजे आर्यन राजभर (14) ने दम तोड़ दिया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान आर्यन के बड़े भाई अरुण राजभर (19) की मौत हो गई। इसके अलावा आर्यन के परिवार के ही और रिश्ते में चाचा लगने वाले प्रदीप राजभर (35) की लंका स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। 

घर में चल रही थी दसवां संस्कार की तैयारी

सोनभद्र सड़क हादसे में बेटे विनय व पोते अरुण और आर्यन की मौत की सूचना से राजबली राजभर को गहरा सदमा लगा। वो उसी दिन से शांत-शांत रहने लगे। सोमवार को दसवां संस्कार होना था। घर पर कुछ रिश्तेदार भी आए थे। अचानक से राजबली की तबीयत बिगड़ी। आननफानन अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।

बेटा बोला- किस गलती की सजा दे रहे भगवान

बड़ा बेटा विनोद, पोतियों और बहुओं समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। विनोद बार-बार यही कह रहा था कि भगवान उसे किस गलती की सजा दे रहा है। 10 दिन पहले भाई और बेटे की मौत हुई। आज पिता का साया भी सिर से उठ गया। परिवार में बड़ा बेटा विनोद राजभर का परिवार और मृतक विनय की पत्नी बची है। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।  
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ऐसा दुख भगवान किसी को ना दे

सोनभद्र सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अरुण और आर्यन सगे भाई थे। उनकी दो बहनें भी थीं। उनकी एक बहन की मौत बीते साल पांच फरवरी को हुई थी। अब सिर्फ एक बहन ही बची है। अरुण और आर्यन के पिता विनोद मुंबई में काम करते हैं। दोनों बेटों की मौत की सूचना पाकर वह मुंबई से घर आए हैं।

आर्यन और अरुण के साथ ही उसके चाचा विनय को मुखाग्नि दादा राजबली राजभर ने ही दी थी। घटना के 10 दिन बाद राजबली की मौत से ग्रामीण भी रो उठे। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसा दुख किसी को भी ना दे। भाई, बेटे और अब पिता को खोने वाली विनोद राजभर को सांत्वना देते-देते ग्रामीण भी फफक पड़े। 
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