हादसे में मेहंदीगंज निवासी शशि शर्मा (26) और पूरेनंदा (बेलवां) गांव के विनय राजभर (35) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अस्पताल जाते विनय राजभर के सगे भतीजे आर्यन राजभर (14) ने दम तोड़ दिया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान आर्यन के बड़े भाई अरुण राजभर (19) की मौत हो गई। इसके अलावा आर्यन के परिवार के ही और रिश्ते में चाचा लगने वाले प्रदीप राजभर (35) की लंका स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी।
सोनभद्र सड़क हादसे में बेटे विनय व पोते अरुण और आर्यन की मौत की सूचना से राजबली राजभर को गहरा सदमा लगा। वो उसी दिन से शांत-शांत रहने लगे। सोमवार को दसवां संस्कार होना था। घर पर कुछ रिश्तेदार भी आए थे। अचानक से राजबली की तबीयत बिगड़ी। आननफानन अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
बड़ा बेटा विनोद, पोतियों और बहुओं समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। विनोद बार-बार यही कह रहा था कि भगवान उसे किस गलती की सजा दे रहा है। 10 दिन पहले भाई और बेटे की मौत हुई। आज पिता का साया भी सिर से उठ गया। परिवार में बड़ा बेटा विनोद राजभर का परिवार और मृतक विनय की पत्नी बची है। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
सोनभद्र सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अरुण और आर्यन सगे भाई थे। उनकी दो बहनें भी थीं। उनकी एक बहन की मौत बीते साल पांच फरवरी को हुई थी। अब सिर्फ एक बहन ही बची है। अरुण और आर्यन के पिता विनोद मुंबई में काम करते हैं। दोनों बेटों की मौत की सूचना पाकर वह मुंबई से घर आए हैं।
आर्यन और अरुण के साथ ही उसके चाचा विनय को मुखाग्नि दादा राजबली राजभर ने ही दी थी। घटना के 10 दिन बाद राजबली की मौत से ग्रामीण भी रो उठे। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसा दुख किसी को भी ना दे। भाई, बेटे और अब पिता को खोने वाली विनोद राजभर को सांत्वना देते-देते ग्रामीण भी फफक पड़े।