वाराणसी। बारिश का कहर शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी अधिक है। कई जगहों पर मकान और बाउंड्रीवाल गिरने के साथ ही पेड़ भी टूटकर गिर गए हैं। इससे आवागमन भी प्रभावित रहा। उधर रामनगर की रामलीला में शाही सवारी के घोड़ों पर पेड़ गिर गया और किले का प्राचीर भी टूटकर बाउंड्रीवाल पर गिर गया।
रामनगर में किला रोड स्थित शिव पार्वती मंडप में बने (अस्तबल) में पुराना पीपल का पेड़ गिरने से रामलीला में शाही सवारी की अगुवाई करने वाले पुलिस लाइन के चार घोड़े दब गए। दो घोड़ों को गंभीर चोटें आई है। उधर लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में पुराना पेड़ गिरने से होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र बिल्डिंग की बाउंड्री, गेट और प्रशासनिक भवन की बाउंड्री क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं रामनगर स्थित अयोध्या जी के सामने महाराज का प्राचीन टूटकर भवन की बाउंड्री गिर गया। इसी भवन से राजकुमारियां रामलीला देखा करती थीं।
जगदीशपुर, अजगरा, भदवा आदि गावों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे और जर्जर मकान गिर गए हैं जबकि दो दर्जन से अधिक मकानों में दरारें पड़ गई हैं। वहीं दानगंज बाजार में पेड़ गिरने से आधा घंटा वाराणसी-आजमगढ़ फोरलेन रोड बंद रहा। बारिश से शाहंशाहपुर में दो मकान गिर गए। रामसागर की बहु सामान निकाल रही थी कि उसके सिर पर मिट्टी का एक बड़ा टुकड़ा आकर गिर गया, जिससे वह घायल हो गई।
चौबेपुर क्षेत्र में भी कई मकान गिर गए। राजा तालाब के गंगापुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात में जलालुद्दीन का एक कमरे का कच्चा मकान गिर गया। किसानों की फूल, सब्जी की खेती पूरी तरह तबाह हो गई।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, दुकानें बंद
कछवा रोड स्थानीय बाजार में लगातार तीसरे दिन बरसात के चलते शनिवार को सुबह से शाम तक बाजार में सन्नाटा छाया रहा। अधिकांश दुकानें बंद रहीं। चाय पान एवं सब्जी की दुकानों के अलावा किराना की दुकान के साथ कुछ अन्य दुकानें ही खुली रहीं। अधिकांश दुकानें बरसात के चलते दिनभर बंद रहीं।