वाराणसी में बुधवार को लंका क्षेत्र में बारिश में छाता लेकर जाती महिलाये । अभिषेक
वाराणसी। मौसम का मिजाज तीन दिन तक खुशनुमा बना रहेगा। शनिवार तक ऐसे ही रुकरुक कर बारिश भी होती रहेगी। इस बीच बुधवार शाम चार बजे से शुरू झमाझम बारिश देर रात तक जारी रही। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जुलाई माह में अनुमानत: 310 मिलीमीटर वर्षा होनी है, जिसमें एक तिहाई बारिश अब-तक हो चुकी है। उधर, कृषि वैज्ञानिकों ने इस बारिश को खेती-किसानी के लिए उपयोगी बताया है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में एक मिलीमीटर बारिश ही रिकार्ड दर्ज की गई।
बनारस और आसपास के जिलों में मानसून तेजी से सक्रिय है। दिन भर पुरवा हवा चलने से बूंदाबांदी भी हो रही है। यही वजह है कि अधिकतम तापमान भी 42 डिग्री से कम होकर 29 डिग्री तक पहुंच गया है जबकि न्यूनतम तापमान भी 32 से गिरकर 25 तक आ गया है। रविवार शाम से ही बारिश का क्रम शुरू हुआ है। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के मुताबिक मानसून पूरे पूर्वांचल में सक्रिय है, इसी वजह से बारिश हर तरफ हो रही है। बताया कि इस साल जुलाई में 310 मिलीमीटर बारिश का अनुमान है, जिसमें 10 जुलाई तक 110 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। अगर इस तरह का मौसम बना रहा तो अनुमान के हिसाब से अच्छी बारिश होगी। उधर, प्रो. राजीव बाटला का कहना है कि मानसून ट्रफ पूर्वांचल में एक्टिव है। बनारस और आसपास के जिलों में तीन दिन ऐसे ही रहेगा। पुरवा हवा भी चलती रहेगी।
खेती किसानी को कोई नुकसान नहीं
बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के डॉ. राकेश सिंह का कहना है कि इस बारिश से खेती-किसानी को कोई नुकसान नहीं है। जून में बारिश नहीं हुई, इस वजह से ऐसा लग रहा था कि खेती प्रभावित होगी लेकिन जुलाई में होने वाली इस बारिश से धान के साथ ही अन्य खरीफ की फसलों की बुवाई काम तेज हो गया। पूर्वांचल के किसान खेत में काम शुरू कर दिए हैं।