तत्काल में भी लागू है प्रीमियम किराया
हर ट्रेन में 30 फीसदी बर्थ तत्काल के लिए आरक्षित रहती है। समान्यत: तत्काल कोटे में स्लीपर के निर्धारित किराए से 150 व एसी के लिए 300 रुपये अधिक लगते हैं। यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10 बजे से वातानुकूलित और 11 बजे से स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट बुक होते हैं। अब तत्काल में भी प्रीमियम सिस्टम लागू हो गया है। तत्काल कोटे का 50 फीसदी टिकट बुक होने के बाद किराया लगातार बढ़ता जाता है।
ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के टिकट पर यात्रा कर रहे युवा
वरिष्ठ नागरिकों के टिकट पर कम उम्र के यात्री सफर कर रहे हैं। यह काम टिकट दलाल एक नेटवर्क बनाकर कर रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल की टीम ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ा है। डीआरएम वीके पंजियार के निर्देश पर सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने रविवार को मुंबई, अहमदाबाद, नई दिल्ली की ट्रेनों में चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे यात्रियों को पकड़ा, जो फर्जीवाड़े के तहत सफर कर रहे थे।
सप्ताह भर तक चले जांच में टीम ने ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, गोरखपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस अन्य ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी पकड़ी। वरिष्ठ नागरिकों के टिकट पर अधेड़, युवा यात्रा करते हुए मिले। कई यात्रियों के पास मूल टिकट नहीं मिला उन्हें दलालों ने टिकट स्कैन करके दे दिया था। अवैध तरीके से यात्रा कर रहे 320 यात्रियों को विभिन्न स्टेशनों पर उतारा गया। वहीं 26 यात्रियों से 36000 जुर्माना वसूला गया।
ट्रेनों में आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी की संभावना को देखते हुए जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्टेशनों के आरक्षण काउंटर पर भी आरपीएफ द्वारा विशेष निगरानी की जा रही है। प्लेटफॉर्मों पर प्रवेश द्वार पर सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। -अशोक कुमार, जन संपर्क अधिकारी
मंडुवाडीह स्टेशन पर सोशल डिस्टेंसिंग बेपटरी
अब रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। यात्री और रेल प्रशासन भी बेफिक्र हो चुका है। मंडुवाडीह से एक मात्र ट्रेन शिवगंगा एक्सप्रेस के समय तो यात्री लंबी लाइन लगाकर स्क्रिनिंग को तैयार रहते हैं। कोई मास्क तो कोई बगैर मास्क के लाइन में लगा रहता है। दो गज की दूरी का पालन को कौन कहे, यहां तो एक पर एक यात्री चढ़कर अपनी बारी की प्रतीक्षा में रहते हैं।
आरपीएफ व जीआरपी भी अब इन यात्रियों को कतारबद्ध कराने के दौरान कोविड नियमों का पालन नहीं कराते हैं। यही हाल कैंट रेलवे स्टेशन पर भी है। आरक्षण टिकट केंद्र पर भीड़ उमड़ रही और मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, गुजरात व नई दिल्ली की ट्रेनों में भी जैसे-तैसे यात्री सफर कर रहे हैं। कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है।