सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक बड़े कमरे में 50 से ज्यादा संख्या में महिला और पुरुषों को एकत्र पाया। कुछ लोग माइक के माध्यम से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे, जबकि अन्य लोगों के बीच धार्मिक पुस्तकें और प्रचार सामग्री वितरित की जा रही थी।
पुलिस के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई, लेकिन टीम ने मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सामूहिक रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित करते थे। इन सभाओं में धार्मिक पुस्तकें और प्रचार सामग्री वितरित कर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था।
इस दौरान विभिन्न प्रकार के प्रलोभन भी दिए जाते थे। सीओ ने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गाजीपुर निवासी धीरज सिंह, चंदौली के इटवा निवासी राजेश मौर्य और कमलेश कुमार, वाराणसी निवासी गुड्डू एवं दिनेश कुमार पटेल तथा धानापुर क्षेत्र निवासी अजीत कुमार शामिल हैं।
मौके से सात बाइबिल, 200 धार्मिक पंपलेट, 50 धार्मिक पुस्तिकाएं, एक होम थिएटर, दो माइक, एक मारुति सुजुकी जेन कार तथा दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। सभी सामान को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि जिस मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, वह जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश राम के भाई का है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उनकी भूमिका की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस पहलू की भी जांच की जा रही है। सीओ ने कहा कि मामले की विवेचना जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।