राहुल सांकृत्यायन की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी विद्यापीठ में मंगलवार को आयोजित संगोष्ठी में उनकी बेटी जया पडहाक ने शिरकत की।
केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि पिता के जीवन विकास में बनारस की खास भूमिका रही है। उसी कड़ी को मैं यहां समझने के लिए आई हूं। पिता ने शब्दों में जो व्यक्त किया है, उन भावों को यहीं से समझा जा सकता है। काशी में पापा को पहचानने के लिए मैं आऊं, ये जरूरी था।
राहुल सांकृत्यायन शोध एवं अध्ययन केंद्र व काशी विद्यापीठ के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने भी अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि ने डॉ. संगीता श्रीवास्तव की पुस्तक ‘मानवता के पुजारी : महापंडित राहुल सांकृत्यायन’ और डॉ. ओम प्रकाश पांडेय, डॉ. संगीता श्रीवास्तव व डॉ. किरन सहाय द्वारा संपादित ‘बीसवीं सदी के महान अन्वेषक : पंडित राहुल सांकृत्यायन’ पुस्तक का विमोचन किया।