पं. तरुणा भट्टाचार्य पहली बार यहां देंगे इस राग की प्रस्तुति
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गंगा निर्मलता, स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता के लिए संस्कृति मंत्रालय की ओर से 10 जून को अस्सी घाट पर संगीत की महफिल सजाई जाएगी। पतितपावनी के तट पर पहली बार ‘राग गंगा’ का अवतरण होगा। इसे संतूर के तारों पर साधेंगे ख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य और पं. प्रोद्युत मुखर्जी। ‘राग गंगा’ की प्रस्तुति का यह पहला मौका होगा।
मां गंगा को स्वरांजलि अर्पित करने के लिए संगीत की यह महफिल सुबह ए बनारस के मंच पर सजेगी। ‘राग गंगा’ की अवतारणा पं. तरुण भट्टाचार्य ने ही की है। राग योगेश्वरी और राग कलावती के मिश्रण से यह नया राग बनाया है।
अपने इस नए राग को भारत की जीवनरेखा गंगा को समर्पित किया है। इस राग के माध्यम से गंगा की रक्षा के लिए आम लोगों से अपील की जाएगी। सुबह ए बनारस, आईसीसीआर, रोटरी क्लब और नागरी नाटक मंडली के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन होगा।
पंडित तरुण भट्टाचार्य शांति और सद्भावना के लिए रोटरी इंटरनेशनल के ग्लोबल एंबेसडर हैं। पं. प्रोद्युत मुखर्जी को ग्लोबल इंडिया म्यूजिक अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।