वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। माफियाओं ने बीएड कॉलेजों की सूची काउंसलिंग के लिए भेजने के नाम पर 13.75 लाख वसूल लिए।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब मानक पूरा नहीं होने के कारण कुछ कॉलेजों की नाम लखनऊ विश्वविद्यालय को काउंसलिंग के लिए नहीं भेजा गया। कॉलेज प्रबंधकों ने जब इसकी शिकायत कुलपति से की तो मामले का खुलासा हुआ।
कुलपति से मिलने गए प्रबंधकों ने आरोप लगाया था कि उनके कॉलेज की फाइल भेजने के लिए पांच हजार रुपये विभाग द्वारा पहले ही वसूल लिया गया। बावजूद फाइल नहीं भेजी गई।
विश्वविद्यालय से पांच जिले जौनपुर, गाजीपुर, मऊ आजमगढ़ और इलाहाबाद में बीएड के कुल 275 कॉलेज हैं। इस बार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी शासन ने लखनऊ विवि को सौंपी थी।
प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय प्रदेश के सभी विद्यालयों को पत्र जारी कर उससे संबद्ध बीएड कॉलेजों की सूची मांगी थी। लखनऊ विवि से लेटर पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद सभी कॉलेज सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए विवि का चक्कर लगाना शुरू कर दिए।
कॉलेज संचालकों को डर था कि कहीं सूची में उनके कॉलेज का नाम शामिल किया गया तो वह काउंसलिंग से बाहर हो जाएंगे। इसी का फायदा उठाते हुए सभी कालेजों से पांच-पांच हजार वसूल लिए।