मिर्जा जूलियट के कलाकार दर्शन कुमार और पिया बाजपेयी के साथ अमित
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पूर्वांचल की कई प्रतिभाओं ने साबित कर दिया है कि कॅरियर के लिहाज से बॉलीवुड में डगर कठिन है लेकिन नामुमकिन नहीं है। अभिनय ही नहीं, प्रोडक्शन, संवाद लेखन और तकनीक से जुड़े तमाम ऐसे कार्यक्षेत्र हैं, जहां वाराणसी, गाजीपुर और आजमगढ़ के सितारे चमकने को तैयार हैं।
सात अप्रैल को अपने प्रोडक्शन की ‘मिर्जा जूलियट’ फिल्म लेकर आ रहे काशी के अमित सिंह मूलत: मशहूर शायर कैफी आजमी और साहित्य के पुरोधा राहुल सांकृत्यायन की धरती आजमगढ़ के अतरौलिया के रहने वाले हैं।
फिल्म में दर्शाया गया है कि यूपी में बेटियों से बिना पूछे उनकी शादी तय कर उनके अरमानों का गला घोंट दिया जाता है। फिल्म की शूटिंग वाराणसी और मिर्जापुर के अहरौरा में भी हुई है।
‘अमर उजाला’ से फोन पर खास बातचीत में अमित ने बताया कि अगर आप में धैर्य, तन्मयता और जुझारू पन है तो यहां निराशा नहीं है। वह कहते हैं कि वाराणसी के थिएटर, बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय, दृश्य कला संकाय से जुड़े नवागत कलाकारों से लेकर बलिया जैसे छोटे शहर के लोगों को भी वह मौका देना चाहते हैं।
फिल्म की स्टोरी और स्क्रिप्ट लिखने वाले शांति भूषण गाजीपुर जिले के युवराजपुर के हैं।
उन्होंने अगले जनम मोहे बिटिया न की जे, प्रतिज्ञा, डोली अरमानों की, इश्क का रंग सफेद, शक्ति जैसे चर्चित धारावाहिकों की भी स्क्रिप्ट लिखी है।
शांति भूषण ने बताया कि फिल्म पीके की शूटिंग के दौरान उन्होंने करीब दो साल तक आमिर खान को भोजपुरी के लिए ट्रेंड किया था।