वाराणसी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को इस्तीफा दे देना चाहिए। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के दस्तावेजी सबूत सामने आने के बाद उनके पास अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने शनिवार को ये बातें कहीं। वे काशी विद्यापीठ में छात्र युवा महोत्सव में भाग लेने शनिवार को वाराणसी आए थे। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि ललित मोदी को सरकार ने भगोड़ा घोषित किया था। इसके बावजूद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने व्यक्तिगत प्रयास से उनको 24 घंटे के भीतर ट्रैवेल डाक्यूमेंट मुहैया करा दिया ताकि वे जहां चाहें घूमते रहें। उन्होंने पद का दुरुपयोग करके निजी संबंधों का निर्वहन किया जबकि वसुंधरा राजे के बेटे की उस कंपनी के खाते में 11 करोड़ रुपये जमा कराए गए, जिनमें उनकी अपनी एक तिहाई की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के जज से मामले की पूरी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। जिसकी डिग्री फर्जी मिले उसके साथ वही कार्रवाई होनी चाहिए जो दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर के साथ हुई। सरकार की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति को क्लीन चिट देना गलत है।