रामनगर
(वाराणसी)। सूजाबाद पड़ाव के पास मैदान में खड़ी पड़ोसी की इंडिका कार
प्रमोद के बेटे सत्यम (5) तथा पुत्री खुशी (4) के लिए काल बन गई। शुक्रवार
की शाम खेलते समय वे दोनों कार में बैठे और अचानक गेट बंद होने से वे कार
में ही फंस गए। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में
कोहराम मचा है।
सूजाबाद पड़ाव निवासी प्रमोद कनौजिया कपड़ों की धुलाई
करके परिवार पालते हैं। उनकी तीन संतानों में पुत्र गोलू (6) समेत सत्यम
(5) और पुत्री खुशी (4) थी। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे सत्यम और उसकी
बहन खुशी खेलते हुए घर के पास मैदान में खड़ी पड़ोसी नज्जर यादव की इंडिका
कार के
पास चले गए। कई दिनों से खड़ी कार का अगला गेट खुला था। दोनों कार
की अगली सीट पर बैठ गए। सेंट्रल लॉक की वजह से कार का गेट बंद हो गया।
दोनों कार से निकलने की जद्दोजहद करने लगे, लेकिन गेट नहीं खोल पाए। घबराहट
के चलते दोनों को कार में ही उल्टियां होने लगीं। काफी देर होने पर जब
दोनों बच्चे घर नहीं आए तो परिवारीजनों ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी। इसी बीच
कार के पास
से गुजर रहे एक व्यक्ति ने शीशे के अंदर झांका तो दोनों अचेत
पड़े थे सूचना पर परिवारीजन तथा कार मालिक मौके पर पहुंचे। कार का गेट खोल
कर दोनों को बाइक से मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने
उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता प्रमोद का कहना था कि यदि मालिक ने कार का
गेट पहले से लॉक किया होता तो शायद मेरे बच्चों की जान न जाती।