बनारसी साड़ी की बुनाई के लिए ग्राफ पेपर पर तैयार डिजाइन को हार्ड कार्ड पर पंच करना पड़ता है। हार्ड कार्ड पर पंचिंग की इस प्रक्रिया में बुनकरों का ना सिर्फ काफी वक्त बर्बाद होता है, बल्कि इस महीन काम में उनकी आंखों पर भी काफी असर पड़ता है। ऐसे में बुनकरों की इस समस्या को दूर करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पहल की है। हार्ड बोर्ड पर पंचिंग करने के लिए मंत्रालय सॉफ्टवेयर तैयार कराने जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से पंचिंग का घंटों का काम मिनटों में हो जाएगा। मंत्रालय ने इस सॉफ्टवेयर को तैयार करने की जिम्मेदारी इलेक्ट्रानिक्स एंड आईटी विभाग द्वारा संचालित मीडिया लैब एशिया को दी है। इसके लिए मंत्रालय ने 85 लाख का बजट भी जारी कर दिया है।
बनारसी साड़ी के लिए ग्राफ पेपर पर डिजाइन तैयार करने के बाद उसे हार्डकार्ड पर पंच करके उतारा जाता है। अब तक पंचिंग का काम हाथ से किया जा रहा है जिसमें काफी समय लगता है। इस काम को मशीन से किए जाने के लिए आईटी मंत्रालय सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। सॉफ्टवेयर के आधार पर मैकेनिकल सिस्टम तैयार किया जाएगा जिस पर पंचिंग का काम हो सके। चूंकि ये पूरी तरह से तकनीकी पर आधारित होगा, इसलिए सॉफ्टवेयर तैयार होने और इसके परीक्षण के बाद, बुनकरों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आईसीटी आधारिक संसाधन केंद्र द्वारा संचालित साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के निदेशक अजय सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में बनारसी साड़ी के बुनकरों के लिए ये सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। द्वितीय चरण में कालीन बुनकरों के लिए ये सॉफ्टवेयर तैयार कराया जाएगा। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद बनारस में इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए बुनकरों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा ताकि वे इसका उपयोग आसानी से कर सकें।