विदेश मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी देश के हर नागरिक का ख्याल रखते हैं। वह कहते हैं, देश का एक भी नागरिक अगर बाहर फंसा हुआ है तो उसकी हरसंभव मदद करनी है। सबको यह विश्वास होना चाहिए कि कुछ भी हो जाए भारत सरकार उन्हें बचाने जरूर जाएगी। यूक्रेन में फंसे विदेशी छात्रों को ऑपरेशन गंगा और सूडान में फंसे नागरिकों के लिए ऑपरेशन कावेरी चलाकर सरकार ने यह विश्वास कायम रखा। ये ऑपरेशन दर्शाता है कि हम अपनों की चिंता करते हैं।
आज दुनिया के किसी भी देश में भारतीय जाएं तो उनको यह भरोसा रहता है कि हमारे पीछे कोई है, जो हमारी चिंता करता है। हम अगर किसी परेशानी में हैं तो हमें मदद जरूर मिलेगी। प्रधानमंत्री का प्रयास है कि योग, आयुर्वेद और मोटा अनाज, आंदोलन की तरह पूरी दुनिया में पहुंच चुका है। जब देश का प्रधानमंत्री नागरिक के बारे में सोचने लगे, राष्ट्रवादी विचार हों, तो ऐसे ही बदलाव आते हैं। तकनीक और मिलजुलकर काम करने से ये बदलाव आया है।
वाराणसी के काशी विद्यापीठ में विदेश मंंत्री एस जयशंकर
- फोटो : अमर उजाला
विदेश मंत्री ने कहा कि पापुआ गिनी के प्रधानमंत्री ने जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री का स्वागत किया, ऐसा स्वागत और इस भाव से स्वागत मैंने 45वर्षों के इतिहास में कभी नहीं देखा। आज दुनिया को लगता है कि कोई भी संकट होगा तो भारत है, मोदी हैं। विदेश नीति के कारण पाकिस्तान और चीन के खिलाफ कठोर निर्णय लेना पड़ा।
काशी में बदलाव अकल्पनीय
विदेश मंत्री ने कहा कि काशी तमिल संगमम के दौरान काशी आने का अवसर मिला था। उस वक्त मैंने यही महसूस किया कि काशी में जो बदलाव हुआ, वह अकल्पनीय है। काशी से मेरा गहरा लगाव है। केंद्र सरकार के नौ साल गुजर चुके हैं और इन नौ वर्षों में हर क्षेत्र में बदलाव नजर आया है।
छोटे शहरों में पासपोर्ट बनवाने में होने वाले विलंब का सवाल अनुज डिडवानिया ने उठाया तो केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि मैं हर महीने पासपोर्ट की पेंडिंग लिस्ट मंगवाता हूं। ऐसा नहीं होना चाहिए, मैं वापस जाकर इसकी जांच करवाता हूं। विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया में जब भी संकट होता है तो मोदी सरकार मदद के लिए कदम उठाती है। कोविड के दौरान देश के बाहर फंसे लोगों, श्रमिकों, विद्यार्थियों को वंदेभारत मिशन चलाकर वापस लाया गया। इस मिशन के दौरान 70 लाख नागरिक देश वापस आए। यूक्रेन से 20 हजार छात्रों को निकाला गया था।