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वाराणसी में ज्ञानेश कुमार का विरोध: सपा ने गंगा में किया अस्थि विसर्जन, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प

Sat, 10 Oct 2026 12:12 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में मां गंगा में अस्थि विसर्जन किया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता के मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई। साथ ही लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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पितृ विसर्जन पर सपा का अनोखा प्रदर्शन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प के साथ समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में मां गंगा में अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और जनता के मताधिकार की गरिमा बनाए रखने की मांग उठाई।

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अमन यादव ने कहा कि देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और इसकी रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। आयोग को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप काम करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मताधिकार का सम्मान और उसकी रक्षा करना भी जरूरी है। जनता की आवाज बुलंद करना और संविधान की मूल भावना को बनाए रखना समाजवादी विचारधारा का प्रमुख संकल्प है।
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अमन यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। जनता के मताधिकार, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समाजवादी साथी हर स्तर पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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सपा ने राजघाट पर चुनाव आयोग का किया प्रतीकात्मक पिंडदान
सपा नेता रजत वाल्मीकि के नेतृत्व में रविदास घाट पर चुनाव आयोग का प्रतीकात्मक पिंडदान किया गया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। 

कार्यक्रम के दौरान रजत वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सर्वोपरि है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, वह चिंताजनक है। 

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और विपक्षी नेताओं के साथ जो हो रहा है वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है। रजत वाल्मीकि ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। 

कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी। इस दाैरान महानगर सचिव योगेंद्र यादव, आरती यादव, कैंट विधानसभा प्रभारी अमन यादव, लोहिया वाहिनी विधानसभा अध्यक्ष अंकित यादव, महानगर अध्यक्ष काशीनाथ गुप्ता, रामनगर के जोन प्रभारी विरोध यादव, अखिलेश गुप्ता तथा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अनिल साहू आदि मौजूद रहे। 
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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए एनएसयूआई ने रखा उपवास
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बीएचयू की एनएसयूआई इकाई ने एक दिन का उपवास रखा। वहीं, राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लोकतंत्र और सांविधानिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया। इस दौरान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग हुई। शोध छात्र राणा रोहित ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई अलोकतांत्रिक और असांविधानिक है। 

इकाई के नए अध्यक्ष मुरारी यादव ने कहा कि जनता के मताधिकार और चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है। उपवास के दौरान पूर्व अध्यक्ष प्रजा नाथ शर्मा, ऋषभ पांडेय, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा आदि मौजूद रहे। 

अधिवक्ताओं ने निकाली प्रतीकात्मक शवयात्रा : कचहरी में अधिवक्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। अगरबत्ती जलाकर शव को पूरे न्यायालय परिसर में घुमाया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि वोट चोरी का मामला सामने आने के बाद से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लापता हैं। विरोध में उनकी प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर उन्हें मृत घोषित करने की बात कही। इस दौरान अधिवक्ता राहुल राज समेत अन्य लोग मौजूद रहे। 
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