डीएम से मिलने जाते कांग्रेसी कार्यकर्ता।
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बता दें कि तीन अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के वाराणसी दौरे पर विरोध करने के आरोप में कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी। शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेसी डीएम से मिलने के लिए पैदल ही छावनी से निकले। कांग्रेसियों के डीएम आवास पहुंचने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को छावनी में ही रोक दिया।
जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने बताया कि युवा कांग्रेस के नौ साथियों की जमानत होने के बाद भी रिहा नहीं किया जा रहा है। दो दिन पहले ही सीजेएम कोर्ट से इन लोगों को जमानत मिल चुकी है। एसीएम चतुर्थ शुभांगी शुक्ला ने जमानतदारों का सत्यापन करने के बाद रिहाई के लिए कहा था लेकिन अब वह रिहाई का आदेश नहीं दे रही हैं। बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया तो वे दफ्तर से बाहर चली गई थीं। इसके बाद 20 लोगों पर कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया।
प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को समझाती पुलिस।
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प्रदर्शन करने में 15 पर दर्ज हुआ मुकदमा
वाराणसी के छावनी क्षेत्र में प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। नदेसर चौकी प्रभारी की तहरीर पर कोरोना महामारी अधिनियम और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने और दो घंटे से अधिक समय तक रास्ता जाम करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इसमें राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चौबे, रानीका जायसवाल, कनिष्क पांडेय, प्रजानाथ शर्मा, अशोक सिंह, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, निमाई चटर्जी, जितेंद्र सेठ, विकास सिंह, अविनाश मिश्रा, रोहित दुबे, सरिता पटेल, पूनम सहित एक अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।