इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर पत्रों को वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक, कर्मचारी और छात्र 11 नवंबर से विश्वविद्यालय को पूरी तरह बंद करके असहयोग के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी कुलपति की होगी।
कर्मचारी संघ की बैठक में हुई निंदा
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पत्र की निंदा की गई। बृहस्पतिवार को कर्मचारी संघ कार्यसमिति की बैठक सुशील कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई। कर्मचारियों की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी विभाग के कर्मचारी नियमित रूप से अपने दायित्व को निभा रहे हैं।
ऐसे में कर्मचारी संघ पर धरना प्रदर्शन से कार्य बाधित करने का आरोप लगाना उचित नहीं है। संघ ने मांग की है कि उक्त आरोप को वापस लिया जाए। 10 नवंबर तक आरोप पत्र निरस्त नहीं हुआ तो 11 नवंबर से कर्मचारी कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।