वाराणसी में गुरुवार की शाम आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का आगमन हुआ। उनका विरोध करने के लिए युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता पहुंचे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को काशी की जनता की ओर से महाकुंभ का जल अर्पित करने जा रहे 20 युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। भारत माता मंदिर के पास युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने संघ प्रमुख को महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित करने का प्रयास किया।
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गुरुवार की शाम भारत माता मंदिर के पास युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि महाकुंभ का स्नान सनातन परंपरा की आत्मा है, लेकिन संघ प्रमुख इससे दूर रहकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका हिंदुत्व केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित है।
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उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई दिखावे की वस्तु नहीं है। यह हमारी आस्था और परंपरा का गहरा प्रतीक है। इसी दौरान जब मोहन भागवत का काफिला उधर से गुजरा तो प्रदर्शनकारियों ने मोहन भागवत को महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित करने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका।
इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर सिगरा थाने ले आई। विरोध करने वालों में अनूप राय, ऋषभ पांडेय, संदीप पाल, शशांक शेखर सिंह, ओमजीत सिंह रिशु, अजीत कन्नौजिया, गौरव मिश्रा, मो. आसिफ शामिल रहे।