चिरईगांव होली के अवसर पर काशी में मणिकर्णिका घाट पर आयोजित होने वाले मसाने की होली पर विश्व वैदिक सनातन न्यास के सन्त महात्माओं ने विरोध दर्ज कराते हुए काशी की प्राचीनतम सभ्यता धर्म व संस्कृति पर आघात करार दिया।
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शनिवार को पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के अन्तिम पड़ाव कपिलधारा स्थित सूर्य नारायण मन्दिर के महन्त महेंद्र नाथ सरस्वती पंचायत अखाड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोलते हुए विश्व वैदिक सनातन न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सन्तोष सिंह ने कहा कि मोक्ष दायिनी काशी में होली के नाम पर श्मसान में हुड़दंगयी करना काशी पति शूलपाणि का अपमान है।
कार्यक्रम में श्री महेन्द्र दिवाकर,महन्त कालू गिरी,श्री अश्विनी कुमार त्रिपाठी, महन्त भीष्म गिरी लक्ष्मण भारती, शिवम् गिरी, सहित बड़ी संख्या में सन्त समाज के लोग उपस्थित रहे।