सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कहा कि विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों को कड़ी-दर-कड़ी जोड़कर आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार किया गया है। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी अदालत में रहे।
फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में बुधवार को आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता ने बहस की। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए आठ अक्तूबर की तिथि नियत की है। अभियोजन ने बहस के दौरान वादिनी और गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पत्रावली में पर्याप्त साक्ष्य है।
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अभियोजन ने कहा कि विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों को कड़ी-दर-कड़ी जोड़कर आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार किया गया है। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी अदालत में रहे। दो नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में बाइक सवार तीन युवकों ने आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना में बृज एनक्लेव कॉलोनी, सुंदरपुर निवासी कुणाल पांडेय, जिवधिपुर बजरडीहा निवासी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल के नाम प्रकाश में आए। इसके बाद तीनों को मामले में आरोपी बनाया गया। पिछली सुनवाई में अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य के रूप में गवाही का अवसर समाप्त कर दिया था और बहस के लिए तिथि नियत की थी।