चेहरा काला पड़ चुका था। मुंह से झाग निकलने के निशान थे। बिस्तर पर ही सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने अपनी मौत को जिम्मेदार खुद को ठहराया। आग्रह किया कि किसी को परेशान न किया जाए। राकेश दो भाई और एक बहन है। छोटा भाई गांव पर रहकर पढ़ाई करता है। बड़ा भाई बक्सर में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। राकेश की छह महीने पहले शादी हुई थी। वाराणसी पहुंची पत्नी समेत अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।