बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के जैन-बौद्ध दर्शन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में श्रमण परंपरा में कर्मवाद विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, केंद्रीय तिब्बती उच्च अध्ययन संस्थान सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने जैन बौद्ध दर्शन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कमलेश कुमार जैन को उनकी जीवनपर्यंत सेवा के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड से सम्मानित किया।
श्रमण परंपरा में कर्मवाद : राष्ट्रनिर्माण में इसकी भूमिका विषय पर हुई संगोष्ठी में कुलपति ने अनुशासनात्मक अध्ययन-अध्यापन और शोध का आह्वान किया। मुख्य वक्ता केंद्रीय संस्कृत विवि भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र के प्रो. काशीनाथ न्यौपाने भारतीय ज्ञान परंपराओं की कर्मवाद की अवधारणा बताई। प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने बौद्ध कर्मवाद की अवधारणा पर चर्चा की। कार्यक्रम में संकाय प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल, डॉ. स्वराज सिंह, प्रो. प्रद्युम्न शाह सिंह, डॉ. आनंद कुमार जैन मौजूद रहे।