मोहर्रम के तीजा पर इमाम चौक दालमंडी से निकाले गए मातमी जुलूस में शामिल लोग। अमर उजाला
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बारहवीं मुहर्रम पर इमाम हुसैन का तीजा मनाया गया। शहर भर से अलम के जुलूस उठाए गए। युवाओं की टोलियां करतब दिखाते हुए चल रही थीं। सभी जुलूस दरगाहे फातमान और लाटसरैया इमामबाड़ा पहुंचकर ठंडे हुए। घरों में तीजे की नियाज भी दिलाई गई।
इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों का तीजा अकीदत और एहतराम के साथ रविवार को मनाया गया। सुबह से शाम तक हर तरफ या हुसैन... की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस में नौजवानों ने लाठी-डंडे के हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए चल रहे थे। हजारों की तादाद में अजादारों ने जुलूसों और मजलिसों में शिरकत कर अपने मौला को खिराजे-अकीदत पेश किया।
वहीं, सुबह से इमामबाड़ों में फातिहा का सिलसिला शुरू हो गया। इमामबाड़े में जुलूस ठंडे किए गए। मजलिसों में सुरमे, पान आदि पर फातिहा दिलाई गई और इमाम की नज्र का शर्बत व मलीदा अजादारों में बांटा गया।
दोपहर बाद बजरडीहा, चौक, मदनपुरा, शिवाला, लल्लापुरा, अर्दली बाज़ार, दोशीपुरा और अलईपुरा आदि इलाकों से आलम व अखाड़े के जुलूस उठाए गए। वहीं, सलमान हैदर ने बताया कि इमाम हुसैन ने पूरी इंसानियत की बका और हक की हिफाजत के लिए अपनी और अपने अजीजों की कुर्बानी दी। इंसानियत के लिए दी गई उनकी कुर्बानी को रहती दुनिया तक याद रखा जाएगा।