व्यापारियों से बदसलूकी पड़ सकती है भारी, पुलिस कमिश्नर की नए रंगरूटों को नसीहत
विज्ञापन
फोटो संवाद न्यूज एजेंसी वाराणसी। वैश्विक चुनौतियों के बीच जिले के सराफा कारोबारियों की समस्याओं को प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। शनिवार को कैंप कार्यालय पर जिले के सराफा संगठनों और अधिकारियों की बैठक में अफसरों ने आश्वासन दिया। साथ ही कारोबारियों की समस्याओं को भी सुना और समाधान पर चर्चा हुई। बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल व डीएम सत्येंद्र कुमार ने स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों और ज्वेलरी संस्थानों के स्वामियों के साथ सुरक्षा, साइबर सतर्कता, टैक्स और व्यापारिक अफवाहों पर मंथन किया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि व्यापारी अपनी शिकायत या समस्या फोन से रोज सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक पुलिस कार्यालय में उपस्थित होकर सीधे अवगत करा सकते हैं। कारोबारियों ने नए पुलिसकर्मियों की भी शिकायत की। बताया कि नए बैच के पुलिसकर्मियों के बर्ताव व्यापारियों के प्रति ठीक नहीं है। व्यापारी प्रतिनिधियों ने एक-एक कर अपनी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। डीएम और पुलिस आयुक्त ने व्यापारियों की शिकायताें को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि मांगों और सुझावों को दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा लिपि नागयाच, अपर आयुक्त राज्य जीएसटी दिप्ती कटियार सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी, स्वर्णकार संघ के पदाधिकारी एवं ज्वेलरी संस्थानों के मालिक मौजूद रहे। कर्मचारियों का सत्यापन जरूर करें सराफा कारोबारी पुलिस आयुक्त ने सराफा दुकानों और शोरूम में हाई क्वालिटी वाले कैमरे लगाने को कहा। महंगे गहनों और कैश की सुरक्षा के लिए डिजिटल लॉकर सहित आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई। निजी सुरक्षा गार्डों, कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए। यूपीकॉप ऐप या यूपी पुलिस की वेबसाइट पर भी सत्यापन हो सकता है।
चोरी का सामान न खरीदें सराफा कारोबारी पुलिस आयुक्त ने कहा कि सोने, आभूषणों के खरीदने और बेचने के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। लालच में आकर व्यापारी चोरी का सामान न खरीदें और न ही बेचें। व्यापारियों को टैक्स वृद्धि अथवा अन्य प्रकार की भ्रामक अफवाहों से दूर रहने एवं केवल अधिकृत एवं प्रमाणित सूचनाओं पर विश्वास करने की सलाह दी गई। साइबर अपराध की शिकायत तत्काल 1930 पर करने की हिदायत दी गई।