यूपी के चंदौली जिले के चतुर्भुजपुर बाजार स्थित एक निजी विद्यालय की कक्षा दो की छात्रा को दो माह की फीस जमा न कर पाने पर बुधवार को स्कूल जाते समय रास्ते में मैजिक वाहन से उतार दिया गया। छात्रा दो किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंची। छात्रा के पिता ने एसडीएम से शिकायत की। एसडीएम के निर्देश पर बीईओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अमावल गांव निवासी सुनील खरवार की पुत्री पलक खरवार कक्षा दो की छात्रा है। वह घर से चार किलोमीटर दूर चतुर्भुजपुर बाजार स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ती है। सुनील खरवार ने बताया कि किसी कारणवश दो माह से वह स्कूल की फीस जमा नहीं कर पा रहा है।
इसके चलते स्कूल प्रबंधन उसकी पुत्री को परेेेशान करने लगा है। पिछले कुछ दिनों से उसे कक्षा से बाहर बैठाया जा रहा था। बुधवार को सुबह बेटी विद्यालय जाने के लिए वाहन में बैठ गई। घर से करीब दो किलोमीटर दूर जाकर चालक ने मैजिक रोककर पलक को उतार दिया।
बेटी किसी तरह रोते बिलखते पैदल घर पहुंची। सुनील ने एसडीएम छेदीलाल से इसकी लिखित शिकायत कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी केके सिंह को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी है।
बीईओ ने बताया कि स्कूल के प्रबंधक से फोन पर पूछताछ की गई। उधर, स्कूल प्रबंधक ने बताया कि फीस और वाहन भाड़े के पांच हजार रुपये बकाया है। स्कूली वाहन से उतारे जाने के बारे में कहा कि बुधवार को छात्रा को वाहन में बैठाया ही नहीं गया है।