वाराणसी। उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता संजय चौबे ने पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि प्राइवेट कंपनियों की बिजली के दाम सरकारी कंपनियों के दाम से कई गुना ज्यादा है फिर भी सरकार सरकारी कंपनियों की जगह प्राइवेट कंपनियों की बिजली क्यों खरीद रही है। फर्क साफ है कहीं न कहीं उद्योगपतियों से बिजली खरीदारी में सरकार को फायदा मिल रहा होगा। प्राइवेट बिजली कंपनियों की ऑडिट कराके सुप्रीमकोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले भारत में निजीकरण को बढ़ावा देकर लूटने का काम अंग्रेजों ने किया जबकि सरदार वल्लभ भाई पटेल, इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू और डॉ. भीमराव आंबेडकर हमेशा से निजीकरण के खिलाफ थे। उन्होंने निजी कंपनियों का अधिग्रहण करके सरकारी बनाया। सपा, बसपा और भाजपा बताए कि वह आंबेडकर के सिद्धांतों को मानती है कि नहीं।