सात माह से जिला कारागार में निरुद्घ है धर्मपाल
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भदोही जिला कारागार में गैर इरादतन हत्या के आरोप में निरुद्घ बंदी का गुरुवार की सुबह बाथरूम में संदिग्ध हाल में गला कट गया। इससे वह छटपटाने लगा। जानकारी मिलने पर अन्य बंदियों की मदद से उसे बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां उसके गले पर सात टांके लगाए गए। वह बोल पाने की स्थिति में नहीं है। घायल बंदी के परिवार वाले देर शाम तक अस्पताल नहीं पहुंच सके थे। भदोही कोतवाली क्षेत्र के नेशनल तिराहे के समीप का निवासी धर्मपाल (65) को इसी साल 31 जनवरी को गैर इरादतन हत्या मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
उसकी सुनवाई चल रही है। 11 अगस्त को न्यायालय में पेशी थी। इसके बाद अगली तिथि 22 अगस्त को मुकर्रर की गई है। गुरवार को वह जेल के बाथरूम में गया था। इसी दौरान रहस्यमय हालात में उसका गला कट गया। कुछ देर बाद उसके कराहने की आवाज आई।
यह सुनकर आसपास के बंदी और बंदीरक्षक पहुंचे तो देखा कि उसका गला कटा है और खून बह रहा है। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां गले पर सात टांके लगे। बंदी का गला किन परिस्थितियों में कटा, इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
दूसरी ओर जेल प्रशासन ने खुद व्यथित होकर गला काटने की बात कही। जेलर विष्णुकांत मिश्र ने कहा कि बंदी सात महीने से गैर इरादतन हत्या के मामले में जेल में निरुद्घ है। शायद परिवार वालों के न आने से व्यथित होकर गला काटने का प्रयास किया होगा।