यूपी के आजमगढ़ स्थित जेल में गुरुवार की देर शाम बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जेल के अंदर आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन के साथ ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। आत्महत्या करने वाला बंदी हत्या के आरोप में बीते पांच माह से निरुद्ध था। भोजन बनाने के लिए उसकी ड्यूटी लगाई गई थी।
जेल के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिधारी थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस जेल के अधिकारियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते हफ्ते बंदी रक्षक को गोली मारने का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि गुरुवार की देर शाम हुई घटना ने फिर से सबको सकते में डाल दिया।
जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम के मुताबिक मृत बंदी विनोद कुमार (38) बिलरियागंज थाना क्षेत्र के सियरहा गांव का निवासी था। बैरक नंबर पांच सी में निरुद्ध विनोद को जेल के बंदियों को भोजन बनाने के लिए भोजनालय में लगाया गया था।
गुरुवार की शाम साढ़े पांच बजे भोजनालय बंद हो गया। इसके बाद सभी बंदी हाते में चले गए। शाम सात बजे बंदियों को उनके बैरक में बंद करने का काम शुरू हुआ। इस दौरान विनोद नहीं मिला। विनोद के न मिलने पर उसकी खोजबीन शुरू हुई।
काफी तलाश के बाद बंदी रक्षकों ने विनोद की लाश बैरक के पीछे छत से लगे हुक से लटकती हुई दिखी। विनोद को फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद हड़कंप मच गया। जेल के अधिकारियों ने घटना के संबंध में पुलिस को सूचना दी। सीओ सिटी सच्चिदानंद ने बताया कि पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।