एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने समझाबुझाकर उतरवाया नीचे
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वाराणसी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे गोंडा निवासी कैदी गुरुवार को पेड़ पर चढ़कर तकरीबन तीन घंटे तक हंगामा किया। उसका कहना था कि जेल से रिहा हो चुके हरदोई निवासी एक व्यक्ति ने उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी है।
मामले को लेकर उसने जेल प्रशासन से गुहार लगाई तो सुनवाई नहीं हुई। उसकी मांग थी कि मौके पर डीएम को बुलाया जाए नहीं तो वह कूद कर जान दे देगा। जेल प्रशासन की सूचना पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रामसेवक के परिवार की पूरी सुरक्षा की जाएगी। इसके बाद वह उतर कर अपनी बैरक में चला गया। सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ ने बताया कि पेड़ पर चढ़ा कैदी रामसेवक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं रहती है। और उसका उपचार पांडेयपुर स्थित मानसिक अस्पताल में कराया जा रहा है। गुरुवार को 9:30 बजे के लगभग रामसेवक अपनी बैरक से बाहर आया और समीप ही मौजूद बरगद के पेड़ पर चढ़ गया।
तकरीबन दो घंटे तक बंदीरक्षकों, जेलर और अधीक्षक ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। इसके साथ ही, वह डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा और पेड़ पर किसी के भी चढ़ने पर भी कूदने की धमकी देता रहा।
11:30 बजे के लगभग एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने समझाना शुरू किया तो रामसेवक नीचे उतरा और फिर अपने बैरक में चला गया। तकरीबन 12:30 बजे के लगभग जेल परिसर के भीतर का माहौल पूरी तरह से सामान्य हुआ।