काशी में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में शुरू होने वाले दुनिया के सबसे बड़े संगीत कुंभ संकट मोचन संगीत समारोह में हाजिरी लगाने के लिए बेताब कई नामचीन कलाकारों की साध इस बार पूरी नहीं हो सकेगी। वजह है समय के लिहाज से अधिक कलाकारों के समायोजन की चुनौती।26 अप्रैल से पहली मई तक चलने वाले इस समारोह की सूची फाइनल होने के बाद इस संगीत कुंभ में प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों में होड़ ही नहीं मारामारी भी मची है। स्विटजरलैंड की कथक नृत्यांगना प्रिस्किला ब्रुलहर्ट समारोह में हाजिरी लगाने के लिए अपने खर्चे पर बनारस तो आएंगी लेकिन अफसोस कि उनको मौका नहीं मिल सकेगा।
विदेशी कथक नृत्यांगना प्रिस्किला तो एक बानगी भर हैं। ऐसे कई कलाकारों के नाम हैं जिन्हें चाहकर भी संकट मोचन संगीत समारोह आयोजन समिति मंच नहीं दे सकेगी। वजह है इस आयोजन का संगीत जगत में फैला क्रेज। चाहे उभरते कलाकार हों या नामचीन साधक, सभी की हसरत संकट मोचन के दरबार में हाजिरी लगाने की होती है।
प्रिस्किला ने संकट मोचन संगीत समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र को मेल भेजकर भावुक आग्रह किया है। संकट मोचन में एक बार हाजिरी लगा चुकीं प्रिस्किला ने कहा है कि वह अपने खर्चे पर स्विटजरलैंड से बनारस आएंगी लेकिन उन्हें एक प्रस्तुति का मौका दिया जाए। इस पर आयोजन समिति ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा कई कलाकारों को मंच देने में असमर्थता जताई गई है। इस बार भी पाकिस्तानी कलाकार संकट मोचन के मंच पर सुर सजाएंगे।