इस कार्यक्रम के जरिए तकरीबन डेढ़ से दो हजार वेंडरों को संवाद कराने की योजना बनाई गई है। इसके तहत पांचों जोन के जोनल कार्यालय क्षेत्र में, सरकारी भवन, टीएफसी कमिश्नरी आदि में बैठाने की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा ठेले, खोमचे पर बेचने वाले वेंडर्स को भी जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत वेंडर्स के खाते में 10000 रूपये बतौर ऋण भेजा जा रहा है। जिसे वे धीरे-धीरे करके चुकाएंगे। इसका लाभ 30,000 वेंडरों को मिलेगा। अब तक 25000 वेंडर्स का डाटा फीड हो चुका है। इनमें से 18000 वेंडर्स के खाते में पैसा भेजा जा चुका है।
ये है योजना
प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के तहत लिए वर्किंग कैपिटल लोन को एक साल में मासिक किस्तों में चुकाया जाना है। लोन को समय से चुकाने पर हर साल 7 फीसदी की दर से ब्याज सब्सिडी मिलेगी। यह सब्सिडी सीधे लोन लेने वाले के खाते में जाएगी।
ये हैं पात्र
सड़क किनारे ठेले, खोमचे, फेरी, पटरी पर दुकान चलाने वालों को यह कर्ज दिया जाएगा। फल, सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें इस श्रेणी में शामिल की गई हैं। इन्हें चलाने वाले भी यह लोन ले सकते हैं।
योजना के लिए सरकारी धन का आवंटन
सरकार ने स्ट्रीट वेंडरों की मदद की खातिर इस योजना में 5000 करोड़ रुपये की धनराशि रखी है। इसके लिए कोई कड़ी शर्त नहीं है। यह आसान शर्तों के साथ मिल जाएगा।