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बीएचयू छात्राओं के प्रदर्शन के कारण बदला गया PM मोदी का रूट

Sat, 23 Sep 2017 10:49 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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छेड़खानी के विरोध में बीएचयू गेट के सामने प्रदर्शन कर रही छात्राओं के कारण शुक्रवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुर्गाकुंड जाने के रूट में अचानक परिवर्तन कर दिया गया। पीएम को पूर्व निर्धारित मार्ग डीरेका से सुंदरपुर, नरिया, लंका होते हुए दुर्गाकुंड नहीं ले जाया गया।
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बल्कि, डीरेका से सुंदरपुर होते हुए साकेत नगर, संकटमोचन मंदिर के सामने से तुलसी मानस मंदिर और दुर्गा मंदिर तक ले जाया गया। वहीं, वापसी के दौरान प्रधानमंत्री दुर्गाकुंड से भेलूपुर, कमच्छा, रथयात्रा, महमूरगंज होते हुए डीरेका स्थित गेस्ट हाउस पहुंचे।

इसके लिए आननफानन में इलाकाई थानों की पुलिस और यातायात पुलिस के साथ ही बाहर से आई फोर्स को डीरेका से दुर्गाकुंड और दुर्गाकुंड से डीरेका के बीच सड़क के दोनों तरफ तैनात किया गया था।
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इसके साथ ही जगह-जगह रस्से लगाकर यातायात रोका गया था। अचानक हुए फेरबदल से पुलिसकर्मियों में अफरातफरी की स्थिति देखी गई मगर पीएम मोदी के डीरेका स्थित गेस्ट हाउस पहुंचते ही सभी ने राहत की सांस ली। 
 
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खुफिया तंत्र भी हुआ फेल, नहीं लगी भनक

बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शहर में मौजूदगी के बीच शुक्रवार को लंका क्षेत्र देर रात तक अशांत रहा। लंका चौराहे पर मौजूद जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जहां इसकी एकमात्र वजह बीएचयू प्रशासन का हठ बता रहे थे।

वहीं, बाहर से आए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों का कहना था कि स्थानीय खुफिया एजेंसियां इस मामले में पूरी तरह फेल रहीं। स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

बीएचयू गेट पर छेड़खानी के विरोध में शुक्रवार की सुबह छह बजे से ही छात्राएं एकत्र होना शुरू हो गई थीं। मगर, इस संबंध में स्थानीय खुफिया इकाई के पास ठोस इनपुट नहीं था और न ही जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सटीक जानकारी दी जा सकी।

उच्च पदस्थ सूत्रों केे अनुसार जल्द ही इस संबंध में नई दिल्ली से जवाब-तलब किया जाएगा। पूछा जाएगा कि आखिरकार प्रधानमंत्री के शहर आगमन के बावजूद जिम्मेदारी भरा रवैया क्यों नहीं दिखाया गया। छात्राओं को समझाबुझाकर शांत कराने के लिए जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए गए।

हर चौराहे पर सुरक्षा गार्ड फिर भी घटनाएं

बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
 कभी चलती क्लास में छात्र की पिटाई तो कभी संकाय में छात्रा के साथ रैगिंग और छोटी-छोटी सी बात पर पत्थरबाजी, आगजनी जैसी घटनाएं। पिछले एक महीने से बीएचयू कैंपस का लगभग यही हाल है।

परिसर में सुरक्षा का माहौल स्थापित करने के लिए भारी भरकम फौज भी है फिर भी घटनाओं पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। ऐसा तब हो रहा है जब परिसर के सभी प्रमुख चौराहों पर पिकेट बनी है और उसमें सुरक्षा गार्ड भी 24 घंटे रहते हैं। सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर ध्यान देने के लिए सुरक्षा सलाहकार तक की तैनाती की गई है। 

बीते 21 दिन में पांच बड़ी घटनाएं 
- 01 सितंबर : दृश्य कला संकाय में क्लास से खींचकर एक छात्र की पिटाई। 
- 08 सितंबर : कला संकाय में बीए की एक छात्रा और कुछ छात्रों संग रैगिंग, बिरला और लाल बहादुर छात्रावास के बीच पत्थरबाजी-आगजनी। 
- 20 सितंबर : नवीन महिला छात्रावास के बाहर से छात्राओं के कमरों पर पत्थरबाजी
- 21 सितंबर : भारत कला भवन चौराहे पर बीएफए की छात्रा के साथ छेड़खानी।
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छात्राओं के विरोध में उतरे कुछ छात्र

बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
धरने पर बैठी छात्राओं के विरोध में दोपहर बाद कुछ छात्र नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप था कि छात्राओं की शिकायत पर विश्वविद्यालय के एक निर्दोष छात्र को पुलिस ने उठा लिया है। इसके विरोध में वे पहुंचे और नारेबाजी करने लगे।

इस दौरान छात्राओं के साथ धरने पर बैठे छात्रों से उनकी नोंकझोंक, गालीगलौज भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।

मामले में चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने कहा है कि गुरुवार शाम छेड़खानी की घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डों को सेवा से हटा दिया गया है। कोशिश की जा रही है कि परिसर का माहौल न बिगड़े और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो

हॉस्टलों में लगा दिए गए ताले  
सुबह छह बजे के करीब बीएचयू की छात्राएं अपने अपने हास्टल से जुलूस की शक्ल में सिंह द्वार पहुंचने लगी थीं। इसकी जानकारी मिलते ही त्रिवेणी, एमएमवी हॉस्टल में छात्राओं को रोकने के लिए हॉस्टल का गेट बंद करवा दिया गया।

इसकी जानकारी होने पर कुछ छात्राएं और छात्र वहां पहुंचे, विरोध दर्ज कराया तब गेट खुला और छात्राएं बाहर आईं। 
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