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वाराणसी कोर्ट के स्थानांतरण पर मचा वबाल, सीएम योगी को करनी पड़ी पहल

Fri, 22 Sep 2017 11:06 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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अधिवक्ता बोले, जान दे देंगे मगर कचहरी परिसर को कहीं और स्थानांतरित नहीं होंगे देंगे - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर पिंडरा में कचहरी परिसर के स्थानांतरण के मुद्दे पर आंदोलित अधिवक्ताओं को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि कचहरी परिसर स्थानांतरित नहीं होगा।
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अधिवक्ताओं, वादकारियों और काशीवासियों सहित अन्य सभी पक्षों से बातचीत के बाद ही इस मसले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कहा कि मौजूदा कचहरी परिसर के अगल-बगल ही विस्तार की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सीएम ने ये बातें शुक्रवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर उनसे मिलने पहुंचे सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से कहीं।

राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अधिवक्ताओं की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। वे शुक्रवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय को लेकर उनसे मुलाकात कराने बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे।
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अशोक सिंह प्रिंस ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कचहरी परिसर के स्थानांतरण की बात पर आश्चर्य जताया। मुख्यमंत्री को बताया गया कि कचहरी परिसर के अगल-अगल बनारस क्लब और जिला उद्यान विभाग की पर्याप्त जमीन है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसके बाद सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा है कि काशी के अधिवक्ताओं के लिए उत्कृष्ट कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से कहा कि हड़ताल समाप्त करें।

सीएम योगी से मुलाकात के बाद सेंट्रल बार अध्यक्ष ने कहा कि शनिवार को सेंट्रल और बनारस बार की संयुक्त बैठक होगी। अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के बारे में जानकारी देकर आंदोलन समाप्त किया जाएगा।

वहीं, बनारस बार अध्यक्ष ने बताया कि संभावना है कि कचहरी स्थानांतरण जैसे गंभीर मसले पर 27 सितंबर को शासन स्तर पर बैठक होगी।

सर्किट हाउस में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, मूकदर्शक बनी रही पुलिस

सुरक्षा में सेंध के बावजूद मूकदर्शक बनी रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कचहरी परिसर को पिंडरा स्थानांतरित करने के विरोध में अधिवक्ता तीसरे दिन शुक्रवार को आंदोलित रहे। बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट की ओर से एसएसपी ऑफिस होते हुए पुलिस की बैरिकेडिंग हटाकर सर्किट हाउस पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे।

इसी दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने काफिले के साथ सर्किट हाउस पहुंचे लेकिन अधिवक्ता नारेबाजी करते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। अधिवक्ता जब खुद बाहर निकले तो सर्किट हाउस परिसर का माहौल सामान्य हुआ।

उत्तर प्रदेश बार कौंसिल सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ता कचहरी परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए सर्किट हाउस की ओर बढ़े।

सर्किट हाउस में उप मुख्यमंत्री के आगमन के कारण पर्याप्त संख्या में पुलिस तैनात थी लेकिन भारी संख्या में अधिवक्ताओं को रोकने का साहस नहीं जुटा सकी। सर्किट हाउस में अधिवक्ताओं ने 45 मिनट तक नारेबाजी की और कहा कि जान दे देंगे लेकिन कचहरी परिसर को स्थानांतरित नहीं होने देंगे।

अधिवक्ताओं की मांग थी कि उनकी मुलाकात पीएम मोदी से कराई जाए। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी अधिवक्ताओं को शांत नहीं करा सके।

जिलाधिकारी से फोन पर हुई बातचीत में आश्वासन मिला कि शाम को मुलाकात कराई जाएगी तो अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए वापस कचहरी परिसर की ओर लौट गए।
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर लगाई गुहार

- फोटो : demo pics
कचहरी परिसर को जिला मुख्यालय से अन्यत्र न स्थानांतरित करने की गुहार शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर लगाई गई है।

अधिवक्ता नित्यानंद चौबे ने बताया कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री, राज्यपाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जिला जज, मंडलायुक्त और डीएम को भी पत्र भेजकर कचहरी को पिंडरा में स्थानांतरित न करने की बात कही गई है।

उधर, सर्वहारा मुक्ति मोर्चा उत्तर प्रदेश के हुकुलगंज स्थित कार्यालय में शुक्रवार को बैठक कर कचहरी परिसर को पिंडरा न स्थानांतरित करने की बात कही गई। मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष गुरु प्रसाद शुक्ल ने कहा कि उनका संगठन अधिवक्ताओें का साथ हर कदम पर देगा। 
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