प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी में 305 करोड़ की लागत से निर्धारित समय से पहले बनकर तैयार हुए दीनदयाल हस्तकला संकुल(ट्रेड फैसिलिटी सेंटर) को देश को समर्पित किया।
शिलापट्ट का अनावरण करने के बाद उन्होंने संकुल के मुख्य हॉल में हस्तशिल्प का लाइव डेमॉस्ट्रेशन देखा। शिल्पियों, बुनकरों की कला को पीएम ने सराहा। म्यूजियम में रामलीला के प्रतिरूपों और पंचमुखी हनुमान का दर्शन कर अभिभूत हुए। काष्ठशिल्प की बनी हनुमान प्रतिमा के समक्ष हाथ जोड़कर नमन किया।
बाबतपुर एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से प्रधानमंत्री अपराह्न 3:42 बजे बड़ा लालपुर स्थित हेलीपैड पहुंचे। यहां से दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे। सबसे पहले शिलापट्ट का अनावरण किया।
फिर मुख्य हाल में पहुंचे, जहां मेटल रिपोजी, लकड़ी का खिलौना, ब्लैक पाटरी, स्टोन अंडर कट, वुड कार्बिन, गुलाबी मीनाकारी, ग्लास बीड्स, टेराकोटा, मिर्जापुर दरी, जरी जरदोजी के जानकार बुनकर और शिल्पी अपनी-अपनी कला को मूर्तरूप देने में जुटे थे।
यहां से पीएम संकुल के म्यूजियम में गए और प्रदर्शित शिल्प उत्पादों को बारीकी से देखा। हथकरघा से जुड़े उच्चाधिकारी इस दौरान हरेक शिल्प के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दे रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्री इस दौरान मौजूद थे।
यहां से प्रधानमंत्री बड़ा लालपुर स्टेडियम स्थित सभास्थल पर रवाना हुए।