सत्यापन के दौरान भी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से लापरवाही बरती गई। इस तरह जनपद में भी जांच कराई गई तो पता चला कि ढाई हजार अपात्रों ने कुल छह किश्तों में तीन करोड़ रुपये का चूना लगाया है। जिले में मौजूदा समय में कुल 2.10 लाख पंजीकृत किसान हैं। इसमें 1.1 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। इस संबंध में कृषि विभाग के उपनिदेशक अरविंद सिंह ने बताया कि जल्द ही इन किसानों को नोटिस भेजी जाएगी।
यह है योजना
कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का प्रावधान किया गया था। इसके तहत किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जानी है जिसमें पहली किस्त दिसंबर 2018 से शुरू करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन अब फरवरी- मार्च 2019 से किसानों को किस्त जानी शुरू हुई। इसके साथ ही अब तक सात किस्तों में 14-14 हजार की धनराशि उनके खाते में पहुंच चुकी है।
केस-1
- सदौपुर गांव के अखिलेश, अनुज कुमार और प्रकाश चंद्र के नाम भूमि नहीं थी। इसके बावजूद इन तीनों व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले लिया था। अब उप निदेशक कृषि ने इन तीनों के खिलाफ ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
केस-2
- ज्ञानपुर के रहने वाले एक व्यक्ति यूपी एग्रो में काम करते हैं जबकि दूसरे व्यक्ति इनकम टैक्स भी अदा करते हैं। बावजूद इसके दोनों व्यक्ति योजना का पूरा लाभ ले रहे हैं। मामला इनकम टैक्स पोर्टल पर आने के बाद इन दोनों की निधि रोक दी गई है।
इनकम टैक्स पोर्टल पर जिले के ढाई हजार आयकर दाताओं की पहचान पीएम किसान सम्मान निधि लेने वालों के रूप में हुई है। इसके बाद शासन स्तर से इन सभी पात्रों की निधि रोक दी गई है। छह किस्तों में ढाई हजार अपात्र करीब तीन करोड़ सरकारी धनराशि ले चुके हैं। उनको नोटिस जारी कर स्वत: रकम जमा करने के लिए अवसर दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो उनसे रिकवरी की जाएगी। - अरविंद सिंह, उप निदेशक कृषि