अमित की मौत के बाद शाम 6 बजे इंस्पेक्टर कोतवाली मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। शाम 7 बजे तक पुलिस को पता ही नहीं चल सका कि अमित का शव और उसके परिजन कहां हैं। कोतवाली थाने से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर घटना हुई। इसके बावजूद साढ़े पांच घंटे बाद इंस्पेक्टर घटनास्थल पर पहुंचे।
यह है पूरा मामला
राजघाट निवासी अमित शर्मा (40) अपनी पत्नी जूली और बेटे समीर (10) के साथ पिछले सात साल से गायघाट पत्थरगली में अधिवक्ता सूरज प्रसाद मेहरा के मकान में किराये पर रहता था। मंदिरों में पूजा पाठ के साथ ही धार्मिक पर्यटकों को काशी दर्शन भी कराता था। मकान मालिक सूरज प्रसाद ने बताया कि सोमवार की दोपहर के समय अमित घर के आंगन में पूजा कर रहा था। पत्नी जूली खाना बना रही थी।
इस दौरान अमित जोर-जोर से चिल्लाने लगा और कहने लगा कि मां काली दर्शन दो...। इस बीच यह कहते हुए अमित ने चाकू से अपना गला काट लिया। आवाज शांत होने के बाद पत्नी किचन से बाहर निकली तो आंगन में अमित लहूलुहान हाल में पड़ा था, जिसे तुरंत मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा लेकर गए। यहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। जहां चिकित्सकों ने अमित को मृत घोषित कर दिया। देर शाम पुलिस को जानकारी हुई तो वह शव की खोजबीन में जुटी।