सरकार ने खुफिया इकाइयों से हर महीने मांगी शातिरों की गोपनीय रिपोर्ट
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जेल की चहारदीवारी में कैद बाहुबलियों का आचरण और उनके खिलाफ अब तक आईं शिकायतें दूसरी जेल में उनको शिफ्ट करने का आधार बनेंगी। इसके मद्देनजर बाहुबलियों की कुंडली खंगाली जा रही है कि सपा सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक कितनी शिकायतें आईं और उनका व्यवहार अब तक ऐसा रहा।
कारागार विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ से बांदा और अतीक अहमद को नैनी से देवरिया जेल स्थानांतरित करने की अहम वजह पूर्व में उनके खिलाफ दर्ज शिकायतें ही हैं।
सपा सरकार के कार्यकाल में उन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया था।
जरायम की दुनिया में पूर्वांचल के चर्चित नामों में एमएलसी बृजेश सिंह वाराणसी सेंट्रल जेल, सुभाष ठाकुर फतेहगढ़ सेंट्रल जेल, मुन्ना बजरंगी झांसी जेल और उदयभान सिंह डॉक्टर फतेहगढ़ जेल में हैं। वहीं, फरार बीकेडी का खास बिरादर मथुरा जेल में और नामवर बुलंदशहर जेल में, रमेश सिंह काका बुलंदशहर जेल और अजय-विजय बांदा जेल में निरुद्ध हैं।
पूर्व एमएलसी विनीत सिंह सूबे से बाहर झारखंड की रांची सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं। मुख्तार और अतीक की जेल शिफ्टिंग के बाद सभी में खलबली मची हुई है।
अधिकारियों ने बताया है कि प्रदेश सरकार का सख्त निर्देश है कि सलाखों के पीछे से कोई भी बाहुबली अपना नेटवर्क न विकसित करने पाए। इसके मद्देनजर खुफिया इकाइयों की ओर से प्रत्येक महीने सरकार को गोपनीय रिपोर्ट भी मांगी गई है।