रेलवे ट्रैक की मरम्मत करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-हावड़ा रूट पर गैपुरा- जिगना स्टेशन के जासा बघौरा गांव के सामने मंगलवार को ग्रामीणों की सजगता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। पोल संख्या 758 तीन से पांच के बीच रेल पटरी टूट गई थी। इसके बारे में किसी को पता नहीं था। तीन-चार मालगाड़ियों के गुजरने के दौरान वहां तेज आवाज आने लगी तो ग्रामीणों को आशंका हुई।
मंगलवार लगभग पौने दो बजे गांव के अनिल कुमार दूबे, अमृतलाल, अजय कुमार, नीरज मिश्रा तथा केएन एबी कंक्ट्रशन कंपनी के कर्मचारी सतीश कुमार दूबे ने मौके पर जाकर देखा कि पटरी टूटी हुई है। ग्रामीण वहीं थे तभी डाउन व अप लाइन पर मालगाड़ी आते हुए दिखाई दी।
ग्रामीणों ने लाल गमछा दिखाकर गाड़ी रोकने का प्रयास किया। डाउन लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के गार्ड को इशारे से पटरी टूटी होने की बात बताई। ग्रामीणों के इशारे को समझकर गार्ड ने अप लाइन पर आ रही मालगाड़ी के चालक को वाकी टाकी से सूचना देकर रोकने का प्रयास किया लेकिन दूरी कम होने के कारण चालक गाड़ी की रफ्तार तो कम कर दी लेकिन रोक नहीं पाया।
मालगाड़ी टूटी पटरी से गुजर गई। आगे जाकर चालक गाड़ी को रोककर इलाहाबाद के गार्ड सुभाष चंद्र के साथ मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों को घटना के बारे में अवगत कराते हुए पटरी की मारम्मत कराने को कहा।
सूचना पर कर्मचारी पहुंचे और ब्लाक लेकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जिससे लगभग दो घंटे तक परिचालन बाधित रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अगर घटना की सूचना समय से नहीं दी गई होती मालगाड़ी के पीछे महानगरी आ रही थी।