प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को कन्याकुमारी से जोड़ने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एनएचएआई की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सोमवार को बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि काशी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए परियोजनाएं कारगर सिद्ध होंगी।
इस मौके पर एनएचएआई की ओर से एक फिल्म राष्ट्रपति को दिखाई गई। उधर, रिंग रोड के पहले चरण में गाजीपुर के संदहा से जौनपुर के हरहुआ तक काम लगभग पूरा हो चुका है। सोमवार को दूसरे चरण के कार्य का शिलान्यास राष्ट्रपति ने किया।
वाराणसी-हनुमना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच सेवन) के फोरलेन होने के बाद काशी से कन्याकुमारी की दूरी लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगी। इससे दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय शिल्प के कारोबार में चार चांद लग सकते हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को एनएच-7 को फोरलेन करने के कार्य का शिलान्यास किया। दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से मध्य प्रदेश तक की सड़कें फोरलेन हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने पर दो लेन की संकरी और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ जाती है। वाराणसी से हनुमना तक 140 कलोमीटर का रास्ता तय करने में पांच घंटे से ज्यादा लगता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग सात: वाराणसी, चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलुरु, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्याकुमारी।