संत रविदास की कर्मस्थली सीर में मेला क्षेत्र अब आकार लेने लगा है। कहीं टेंट बनाया जा रहा है तो कहीं लंगर हाल सजाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ ही सड़कों को भी दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। इस बार श्रद्धालु मेला क्षेत्र में नवनिर्मित लंगर हाल में श्रद्धालुओं को बैठने का इंतजाम किया जाएगा। पांच करोड़ की लागत से हाल का निर्माण किया गया है।
सीर गोवर्धन में तैयारियां शुरू हो गई हैं लेकिन तीन फरवरी को हरियाणा और पंजाब से सेवादारों के आने के बाद तैयारियां तेज हो जाएंगी। कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार मंदिर क्षेत्र में टेंट हाउस, लंगर हाउस को तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंगर हाल की आधारशिला 2019 में रविदास जयंती के अवसर पर रखी थी। यहां खास मेहमानों के साथ मंदिर के प्रमुख संतों के साथ धर्म प्रमुख संत निरंजन दास भी रह सकते हैं। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से लंगर हाल की व्यवस्था ठीक नहीं है।
रविदास जयंती की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे एडीएम सिटी से मंदिर प्रबंधन के लोगों ने चर्चा भी की थी। एडीएम सिटी ने सुरक्षा के लिहाज से चहारदीवारी का प्रपोजल बनाकर भेजने को कहा है। मंदिर प्रबंधन के ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि लंगर हाल के पास चहारदीवारी का प्रपोजल भेजा गया था, लेकिन पास नहीं हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से यह ठीक नहीं है इसके लिए बांस से बैरिकेडिंग कराई गई है जिससे आवारा पशुओं के साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों को प्रवेश न मिल सके।