अब अमल की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। दरअसल, वर्ष 2018 में मालवाहक जलयानों का संचालन हुआ था, मगर नेविगेशन सिस्टम विकसित नहीं होने के कारण रात में जलयानों का संचालन प्रभावित हो रहा था। अब कोलकाता से वाराणसी के बीच नदी में नेविगेशन सिस्टम विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।
रामनगर से चंदौली की सीमा से सटे प्रस्तावित फ्रेट कॉरिडोर की कवायद भी तेज हुई है। प्रशासन ने किसानों से जमीन लेने के लिए अधिग्रहण को आवश्यक करने की मांग की है। इसमें करीब 40 एकड़ जमीन पर भंडार गृह सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं। सरकार की ओर से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिलने की उम्मीद जताई गई है।
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि मालवाहक जलयानों के संचालन के लिए इफको, एफसीआई और अन्य बड़े संस्थानों के उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। इन संस्थानों को जल परिवहन से जोड़ने की योजना है। जलमार्ग पर मालवाहक विमानों के नियमित संचालन के लिए कई पहलुओं पर काम किया जा रहा है।